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दिवाली की रात के पीछे छुपा साइंटिफिक रीज़न {Scientific reason hidden behind Diwali night}

Updated: Feb 18, 2023



जैसा की आप सभी जानते है की दिवाली के दिन अमावस्या की रात होती है लेकिन इस अमावस्या कि रात के पीछे एक साइंटिफिक रीज़न है। जो कि बहुत कम लोगो को पता है तो आईये जानते है, इस ब्लॉग में कि आखिर क्या साइंटिफिक रीज़न है ?


हम सब बचपन से दिवाली पर नए कपडे पहनते है फटाके जलाते है सब लोग उल्लास से भरे होते है दिवाली हिंदुस्तान में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। आज तक हमने दिवाली को एक उत्सव के जैसे मनाया है लेकिन इस रात के पीछे साइंटिस्ट ने एक साइंटिफिक रीज़न भी बताया है।


आइये जानते है आखिर क्या है साइंटिफिक रीज़न ??



जैसा की हम सभी जानते है दिवाली की रात सबसे काली रात होती है। क्योकि इस दिन अमावस्या होती है लेकिन साइंटिफिक रीज़न से दिवाली की रात बाकी दिनों की अमावस्या से भी ज्यादा काली रात होती है। क्योकि इस दिन सूरज पृथ्वी व सबसे ज्यादा दुरी पर होता है जिसकी वजह से इसका प्रकाश पृथ्वी वर पूरा नहीं पहुच पाटा है। इस दिन से दिन छोटे और रात लम्बी होनी लगती है पृथ्वी तिरछी होकर घुमने लगती है। जिससे सूरज का प्रकाश पृथ्वी तक नही आ पाता है और पृथ्वी पर सर्द मौसम की शुरुवात हो जाती है।


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